#gangaSaptmi गंगा सप्तमी 30 अप्रैल को मनाई जाएगी

*गंगा सप्तमी 30 अप्रैल को पुष्य नक्षत्र में मनाई जाएगी*
गंगा सप्तमी 30 अप्रैल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष गुरुवार, पुष्य नक्षत्र में मनाई जाएगी। गंगा सप्तमी का प्रारंभ 29 अप्रैल को दोपहर 3:08 बजे से प्रारम्भ होकर 30 अप्रैल दोपहर 2:34 बजे तक रहेगी।
वैसाख मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी को मनाया जाने वाला यह त्यौहार उत्तर भारत में खास तौर से मनाया जाता है। इसे गंगा जयंती या गंगा पूजन भी कहा जाता है
 गंगा सप्तमी के दिन ही गंगा जी की उत्पत्ति हुई थी। इस दिन मां गंगा स्वर्ग लोक से शिव जी की जटा में पहुंची थीं। इसलिए इस गंगा-पूजन का विशेष महत्व है। गंगा जयंती के दिन गंगा में स्नान करने तथा पूजन से सभी दुख-क्लेश दूर होते हैं। इस दिन गंगा स्नान का खास महत्व है।  लोकडौन की वजह से गंगा नदी में स्नान न करते हुए गंगा के जल की कुछ बूंदें पानी में डाल कर घर पर ही स्नान करें। इस प्रकार के स्नान से भी सिद्धि प्राप्त होती है। यश-सम्मान की भी प्राप्ति होती है। मांगलिक दोष से ग्रस्त व्यक्तियों को गंगा जयंती के अवसर पर गंगा-स्नान और पूजन से विशेष लाभ मिलता है।
गंगा जयंती के शुभ दिन, भक्त सुबह जल्दी उठे सूर्योदय से पहले और पवित्र गंगा जल को स्नान करने के पानी मे मिला ले।
भक्त गंगा देवी की पूजा और प्रार्थना करे।
फूल और माला देवी गंगा को अर्पित करे।
भक्त देवी को जगाने और उनका आशीर्वाद लेने के लिए गंगा आरती भी करते हैं।
इस विशेष दिन पर एक ख़ास दीपदान ’की रस्म भी निभाई जाती है । क्योंकि इसे अत्यधिक शुभ माना जाता है।
ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा

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